Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.189.8: उस समय वे सभी साहसी योद्धा क्रोध में भरकर मृत्यु को सामने रखकर परस्पर युद्ध करने लगे॥8॥   |   mahabharat अध्याय 7.189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.189.8 
सम्प्रहारमकुर्वंस्ते सर्वे च सुमहारथा:।
अमर्षिता: सत्त्ववन्त: कृत्वा मरणमग्रत:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उस समय वे सभी साहसी योद्धा क्रोध में भरकर मृत्यु को सामने रखकर परस्पर युद्ध करने लगे॥8॥
 
At that time, all those courageous warriors, filled with resentment, started fighting with each other, keeping death in front of them. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)