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mahabharat 7.189.59: वहाँ जाओ, जहाँ मेरे सभी सारथी क्षत्रिय धर्म को सामने रखकर निर्भय होकर युद्ध कर रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 7.189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  7.189.59 
तत्र गच्छत यत्रैते युध्यन्ते मामका रथा:।
क्षात्रधर्मं पुरस्कृत्य सर्व एव गतज्वरा:॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
वहाँ जाओ, जहाँ मेरे सभी सारथी क्षत्रिय धर्म को सामने रखकर निर्भय होकर युद्ध कर रहे हैं।
 
Go there, where all my charioteers are fighting without any fear, keeping the duty of a Kshatriya in front of them. 59.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)