Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.189.56-57h: इससे भीमसेन अत्यन्त क्रोधित हो उठे और कर्णपुत्र के साथ घोर युद्ध करने लगे। जिस समय यह युद्ध चल रहा था, उसी समय धर्मपुत्र युधिष्ठिर ने क्रोध में भरकर पांचालों के व्याघ्ररूपी योद्धाओं और मत्स्यदेश के योद्धाओं से कहा -॥56 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इससे भीमसेन अत्यन्त क्रोधित हो उठे और कर्णपुत्र के साथ घोर युद्ध करने लगे। जिस समय यह युद्ध चल रहा था, उसी समय धर्मपुत्र युधिष्ठिर ने क्रोध में भरकर पांचालों के व्याघ्ररूपी योद्धाओं और मत्स्यदेश के योद्धाओं से कहा -॥56 1/2॥
Due to this Bhimasena became very angry and started a fierce battle with the son of Karna. While this battle was going on, at the same time, Dharmaputra Yudhishthira, filled with anger, said to the tiger-like warriors of the Panchalas and the warriors of Matsyadesha -॥ 56 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥