Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.189.49: उस युद्ध में महारथी सात्यकि को विजय प्राप्त करते देख, कर्ण आपके पुत्र की रक्षा के लिए शीघ्र ही आगे बढ़ा।   |   mahabharat अध्याय 7.189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  7.189.49 
तत्राप्यधिकमालक्ष्य माधवं रथसत्तमम्।
क्षिप्रमभ्यपतत् कर्ण: परीप्संस्तनयं तव॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
उस युद्ध में महारथी सात्यकि को विजय प्राप्त करते देख, कर्ण आपके पुत्र की रक्षा के लिए शीघ्र ही आगे बढ़ा।
 
Seeing the mighty car-warrior Satyaki gaining the upper hand in that battle, Karna quickly jumped in to protect your son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)