Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.189.4: राजेन्द्र! धृष्टद्युम्न के बाणों से वह महापुरुष अत्यन्त पीड़ित हो गया और दु:शासन उसके सामने खड़ा न रह सका॥4॥   |   mahabharat अध्याय 7.189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.189.4 
दु:शासनस्तु राजेन्द्र पाञ्चाल्यस्य महात्मन:।
नाशकत् प्रमुखे स्थातुं शरजालप्रपीडित:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! धृष्टद्युम्न के बाणों से वह महापुरुष अत्यन्त पीड़ित हो गया और दु:शासन उसके सामने खड़ा न रह सका॥4॥
 
Rajendra! The great man was greatly afflicted by the arrows of Dhrishtadyumna and Dushasan could not stand before him. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)