Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.189.32-33h: भारत श्रेष्ठ! यदि तुम ऐसा करोगे, तो मैं पुण्यलोक में चला जाऊँगा। अपनी सारी शक्ति और पराक्रम मुझे दिखाओ, क्योंकि मैं अपने मित्रों के लिए वह महान संकट नहीं देखना चाहता।' | mahabharat अध्याय 7.189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्वत्कृते सुकृताँल्लोकान् गच्छेयं भरतर्षभ।
या ते शक्तिर्बलं यच्च तत् क्षिप्रं मयि दर्शय॥ ३२॥
नेच्छामि तदहं द्रष्टुं मित्राणां व्यसनं महत्।
अनुवाद
भारत श्रेष्ठ! यदि तुम ऐसा करोगे, तो मैं पुण्यलोक में चला जाऊँगा। अपनी सारी शक्ति और पराक्रम मुझे दिखाओ, क्योंकि मैं अपने मित्रों के लिए वह महान संकट नहीं देखना चाहता।'
‘Bhaarat's best! If you do this, I will go to the world of the virtuous. Show me all the power and strength you have, because I do not want to see that great trouble for my friends.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥