Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.189.18-19h: महाराज! युद्धोन्माद से उन्मत्त धृष्टद्युम्न को द्रोणाचार्य तथा उसके दल के उन चारों वीरों को नकुल और सहदेव के साथ युद्ध करते हुए देखकर राजा दुर्योधन रक्तपान करने वाले बाणों की वर्षा करता हुआ उनके मध्य में आ गया। | mahabharat अध्याय 7.189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! युद्धोन्माद से उन्मत्त धृष्टद्युम्न को द्रोणाचार्य तथा उसके दल के उन चारों वीरों को नकुल और सहदेव के साथ युद्ध करते हुए देखकर राजा दुर्योधन रक्तपान करने वाले बाणों की वर्षा करता हुआ उनके मध्य में आ गया।
Maharaj! Seeing the war-mad Dhrishtadyumna going towards Dronacharya and those four heroes of his group fighting with Nakula and Sahadeva, King Duryodhana came in their midst showering blood-drinking arrows. 18 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥