Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.188.8: जब भी दुशासन घोड़ों की लगाम संभालने की कोशिश करता तो वह अपना धनुष छोड़ देता और जब भी वह धनुष चलाता तो उसे मजबूरन घोड़ों की लगाम छोड़नी पड़ती। 8 | mahabharat अध्याय 7.188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स रश्मिषु विषक्तत्वादुत्ससर्ज शरासनम्।
धनुषा कर्म कुर्वंस्तु रश्मींश्च पुनरुत्सृजत्॥ ८॥
अनुवाद
जब भी दुशासन घोड़ों की लगाम संभालने की कोशिश करता तो वह अपना धनुष छोड़ देता और जब भी वह धनुष चलाता तो उसे मजबूरन घोड़ों की लगाम छोड़नी पड़ती। 8
Whenever Dushasan would try to handle the horses' reins he would let go of his bow and whenever he used the bow he would be forced to let go of the horses' reins. 8
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥