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mahabharat 7.188.51: राजा ! तब अर्जुन ने भी बिना घबराये ब्रह्मास्त्र से द्रोणाचार्य के उस अस्त्र को दबा दिया; तब सारा कोलाहल शांत हो गया ॥51॥   |   mahabharat अध्याय 7.188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  7.188.51 
तत: पार्थोऽप्यसम्भ्रान्तस्तदस्त्रं प्रतिजघ्निवान्।
ब्रह्मास्त्रेणैव राजेन्द्र तत: सर्वमशीशमत्॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
राजा ! तब अर्जुन ने भी बिना घबराये ब्रह्मास्त्र से द्रोणाचार्य के उस अस्त्र को दबा दिया; तब सारा कोलाहल शांत हो गया ॥51॥
 
King! Then Arjuna too, without any panic, suppressed that weapon of Dronacharya with the Brahmastra; then all the commotion subsided. ॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)