Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.188.45: आचार्य द्रोण में समस्त विद्याएँ एकत्रित हैं; किन्तु पाण्डुपुत्र अर्जुन में ज्ञान के साथ-साथ योग भी है। इसी प्रकार आचार्य द्रोण में समस्त पराक्रम एक ही स्थान पर आ गया है; किन्तु पाण्डुनंदन अर्जुन में पराक्रम के साथ-साथ बल भी है। 45॥ | mahabharat अध्याय 7.188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ज्ञानमेकस्थमाचार्ये ज्ञानं योगश्च पाण्डवे।
शौर्यमेकस्थमाचार्ये बलं शौर्यं च पाण्डवे॥ ४५॥
अनुवाद
आचार्य द्रोण में समस्त विद्याएँ एकत्रित हैं; किन्तु पाण्डुपुत्र अर्जुन में ज्ञान के साथ-साथ योग भी है। इसी प्रकार आचार्य द्रोण में समस्त पराक्रम एक ही स्थान पर आ गया है; किन्तु पाण्डुनंदन अर्जुन में पराक्रम के साथ-साथ बल भी है। 45॥
‘All the knowledge is accumulated in Acharya Drona; But Pandu's son Arjun has yoga along with knowledge. Similarly, in Acharya Drona, all the bravery has come at one place; But Pandu Nandan Arjun has strength along with bravery. 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥