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mahabharat 7.188.4: जब घोड़े लगाम से छूटकर इधर-उधर भागने लगे, तब दु:शासन को यह ज्ञात हुआ कि उसका सारथि मारा गया है ॥4॥   |   mahabharat अध्याय 7.188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.188.4 
यदा त्वसंगृहीतत्वात् प्रयान्त्यश्वा यथासुखम्।
ततो दु:शासन: सूतं बुबुधे गतचेतसम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
जब घोड़े लगाम से छूटकर इधर-उधर भागने लगे, तब दु:शासन को यह ज्ञात हुआ कि उसका सारथि मारा गया है ॥4॥
 
When the horses broke free from the reins and started running hither and thither, then Dushasan realised that his charioteer had been killed. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)