vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध
»
श्लोक 37-38h
श्लोक
7.188.37-38h
ततोऽन्तरिक्षे देवाश्च गन्धर्वाश्च सहस्रश:॥ ३७॥
ऋषय: सिद्धसंघाश्च व्यतिष्ठन्त दिदृक्षया।
अनुवाद
तत्पश्चात् बहुत से देवता, हजारों गन्धर्व, ऋषि और सिद्ध उस युद्ध को देखने की इच्छा से आकाश में खड़े हो गए ॥37 1/2॥
Thereafter, many gods, thousands of Gandharvas, sages and Siddhas stood in the sky with the desire to see that war. 37 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×