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mahabharat 7.188.29-30h: द्रोणाचार्य कुंतीपुत्र अर्जुन को पराजित करने के लिए जिस भी अस्त्र का प्रयोग करते, पाण्डुपुत्र अर्जुन मुस्कुराते हुए उसे तुरन्त काट देते।   |   mahabharat अध्याय 7.188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.188.29-30h 
यद् यच्चकार द्रोणस्तु कुन्तीपुत्रजिगीषया॥ २९॥
तत् तत् प्रतिजघानाशु प्रहसंस्तस्य पाण्डव:।
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य कुंतीपुत्र अर्जुन को पराजित करने के लिए जिस भी अस्त्र का प्रयोग करते, पाण्डुपुत्र अर्जुन मुस्कुराते हुए उसे तुरन्त काट देते।
 
Whichever weapon Dronacharya used to defeat Arjuna, son of Kunti, Arjuna, son of Pandu, would instantly cut them off smilingly. 29 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)