Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.188.21-22: तत्पश्चात् राधापुत्र कर्ण ने पुनः एक और कठिनता से जीतने योग्य धनुष उठाया, जिसकी पृष्ठिका स्वर्णमयी थी और रथ पर रखे हुए बाणों से उसने शीघ्र ही भीमसेन के भालू के रंग के काले घोड़ों तथा उसके दोनों पार्श्वरक्षकों को मार डाला। | mahabharat अध्याय 7.188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् राधापुत्र कर्ण ने पुनः एक और कठिनता से जीतने योग्य धनुष उठाया, जिसकी पृष्ठिका स्वर्णमयी थी और रथ पर रखे हुए बाणों से उसने शीघ्र ही भीमसेन के भालू के रंग के काले घोड़ों तथा उसके दोनों पार्श्वरक्षकों को मार डाला।
Thereafter Radha's son Karna once again took up another difficult to win bow with a golden back and with the arrows kept on the chariot, he quickly killed Bhimasena's black horses of bear colour and his two side guards.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥