श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 16-17
 
 
श्लोक  7.188.16-17 
ततो भीम: पुनर्गुर्वीं चिक्षेपाधिरथेर्गदाम्॥ १६॥
तां गदां बहुभि: कर्ण: सुपुङ्खै: सुप्रवेजितै:।
प्रत्यविध्यत् पुनश्चान्यै: सा भीमं पुनराव्रजत्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद उसने फिर से अधिरथपुत्र कर्ण पर एक भारी गदा चलाई। कर्ण ने तीखे पंखों वाले कई और बाण चलाकर गदा को छेद दिया। इससे गदा फिर से भीम पर आ गिरी।
 
Thereafter he again shot a heavy mace at Karna, son of Adhiratha. But Karna shot many other arrows with sharp feathers and pierced the mace. Due to this the mace again came back at Bhima.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)