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mahabharat 7.188.10: तब भीमसेन ने भी सावधान होकर धनुष को कानों तक खींचकर तीन बाण छोड़े, जिससे कर्ण की दोनों भुजाएँ और छाती गहरी चोट खा गईं। तब वह जोर से गर्जना करने लगा॥10॥   |   mahabharat अध्याय 7.188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.188.10 
वृकोदरस्तत: कर्णं त्रिभिर्भल्लै: समाहित:।
आकर्णपूर्णैरभ्यघ्नद् बाह्वोरुरसि चानदत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
तब भीमसेन ने भी सावधान होकर धनुष को कानों तक खींचकर तीन बाण छोड़े, जिससे कर्ण की दोनों भुजाएँ और छाती गहरी चोट खा गईं। तब वह जोर से गर्जना करने लगा॥10॥
 
Then Bhimasena too became cautious and pulled his bow till his ears and shot three arrows which wounded Karna deeply on both his arms and chest. Then he started roaring loudly.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)