Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.187.53-54h: महाप्रतापी नकुल युद्ध की विचित्र प्रणालियों में पारंगत थे। उन्होंने देखा कि धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन मुझे अपनी ओर लाने का प्रयत्न कर रहा है, तो उन्होंने अचानक उसे रोक दिया। | mahabharat अध्याय 7.187: युद्धस्थलकी भीषण अवस्थाका वर्णन और नकुलके द्वारा दुर्योधनकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: प्रतिचिकीर्षन्तमपसव्यं तु ते सुतम्॥ ५३॥
न्यवारयत तेजस्वी नकुलश्चित्रमार्गवित्।
अनुवाद
महाप्रतापी नकुल युद्ध की विचित्र प्रणालियों में पारंगत थे। उन्होंने देखा कि धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन मुझे अपनी ओर लाने का प्रयत्न कर रहा है, तो उन्होंने अचानक उसे रोक दिया।
The illustrious Nakula was well versed in the strange systems of warfare. Seeing that Dhritarashtra's son Duryodhana was trying to bring me to the right, he suddenly stopped him. 53 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥