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mahabharat 7.187.51: माद्रीपुत्र नकुल ने आपके पुत्र दुर्योधन को अपने दाहिनी ओर लाकर हर्ष में भरकर उस पर सैकड़ों बाणों की वर्षा की; तब महान् कोलाहल मच गया।   |   mahabharat अध्याय 7.187: युद्धस्थलकी भीषण अवस्थाका वर्णन और नकुलके द्वारा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 187: युद्धस्थलकी भीषण अवस्थाका वर्णन और नकुलके द्वारा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  7.187.51 
अपसव्यं चकाराथ माद्रीपुत्रस्तवात्मजम्।
किरन् शरशतैर्हृष्टस्तत्र नादो महानभूत्॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
माद्रीपुत्र नकुल ने आपके पुत्र दुर्योधन को अपने दाहिनी ओर लाकर हर्ष में भरकर उस पर सैकड़ों बाणों की वर्षा की; तब महान् कोलाहल मच गया।
 
Madri's son Nakula brought your son Duryodhana to his right and, filled with joy, showered hundreds of arrows upon him; and then there was a great uproar.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)