Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.187.30-31h: उस अंधकार में न तो कौरवों का पता चल रहा था, न ही पांचालों और पांडवों का। दिशा, आकाश, पृथ्वी और यहाँ तक कि विषम स्थानों का भी पता नहीं चल रहा था। 30 1/2 | mahabharat अध्याय 7.187: युद्धस्थलकी भीषण अवस्थाका वर्णन और नकुलके द्वारा दुर्योधनकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न ज्ञायन्ते कौरवेया न पञ्चाला न पाण्डवा:॥ ३०॥
न दिशो द्यौर्न चोर्वी च न समं विषमं तथा।
अनुवाद
उस अंधकार में न तो कौरवों का पता चल रहा था, न ही पांचालों और पांडवों का। दिशा, आकाश, पृथ्वी और यहाँ तक कि विषम स्थानों का भी पता नहीं चल रहा था। 30 1/2
In that darkness, neither the Kauravas nor the Panchalas and Pandavas could be identified. Direction, sky, earth and even odd places could not be identified. 30 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥