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mahabharat 7.187.13: जैसे धुलाई के स्थान पर कपड़ों के ढेर लगे हुए दिखाई देते हैं, वैसे ही योद्धाओं और हाथियों पर वीर पुरुषों की भुजाओं से छोड़े हुए हथियारों के ढेर लगे हुए दिखाई देते थे।   |   mahabharat अध्याय 7.187: युद्धस्थलकी भीषण अवस्थाका वर्णन और नकुलके द्वारा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 187: युद्धस्थलकी भीषण अवस्थाका वर्णन और नकुलके द्वारा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.187.13 
वीरबाहुविमृष्टाश्च योधेषु च गजेषु च।
राशय: प्रत्यदृश्यन्त वाससां नेजनेष्विव॥ १३॥
 
 
अनुवाद
जैसे धुलाई के स्थान पर कपड़ों के ढेर लगे हुए दिखाई देते हैं, वैसे ही योद्धाओं और हाथियों पर वीर पुरुषों की भुजाओं से छोड़े हुए हथियारों के ढेर लगे हुए दिखाई देते थे।
 
Just as piles of clothes are seen on the washing grounds, similarly piles of weapons shot by the arms of brave men were seen on the warriors and elephants. 13.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)