Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.187.12: उन समस्त सेनाओं में बार-बार युद्ध होता रहता था, जिसमें एक पक्ष के लोग अपने पक्ष के लोगों को मार डालते थे। शत्रु पक्ष के लोग भी अपने पक्ष के लोगों को मार डालते थे। शत्रु के योद्धा अपने ही सगे-संबंधियों के साथ-साथ शत्रुओं को भी मार डालते थे।॥12॥ | mahabharat अध्याय 7.187: युद्धस्थलकी भीषण अवस्थाका वर्णन और नकुलके द्वारा दुर्योधनकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन समस्त सेनाओं में बार-बार युद्ध होता रहता था, जिसमें एक पक्ष के लोग अपने पक्ष के लोगों को मार डालते थे। शत्रु पक्ष के लोग भी अपने पक्ष के लोगों को मार डालते थे। शत्रु के योद्धा अपने ही सगे-संबंधियों के साथ-साथ शत्रुओं को भी मार डालते थे।॥12॥
There were frequent clashes between all those armies in which the people of one's own side would kill those of their own side. The people of the enemy side would also kill those of their own side. The enemy's warriors would kill their own relatives as well as the enemies.॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥