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mahabharat 7.186.8: श्रीकृष्ण का यह अभिप्राय जानकर शत्रु नगरी को जीतने वाले भीमसेन ने युद्ध के किनारे पहुँचे हुए अर्जुन से इस प्रकार कहा॥8॥   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.186.8 
अभिप्रायं तु कृष्णस्य ज्ञात्वा परपुरंजय:।
आजिशीर्षगतं पार्थं भीमसेनोऽभ्युवाच ह॥ ८॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण का यह अभिप्राय जानकर शत्रु नगरी को जीतने वाले भीमसेन ने युद्ध के किनारे पहुँचे हुए अर्जुन से इस प्रकार कहा॥8॥
 
Knowing these intentions of Shri Krishna, Bhimasena, who conquered the enemy city, said thus to Arjuna who had reached the edge of the war. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)