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mahabharat 7.186.7: ठीक है, आप भी ऐसा ही करें।' भगवान श्रीकृष्ण को यह अनुमति देकर अर्जुन महान धनुर्धर द्रोणाचार्य और कर्ण के पास से चले गए।   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  7.186.7 
स माधवमनुज्ञाय कुरुष्वेति धनंजय:।
द्रोणकर्णौ महेष्वासौ सव्यत: पर्यवर्तत॥ ७॥
 
 
अनुवाद
ठीक है, आप भी ऐसा ही करें।' भगवान श्रीकृष्ण को यह अनुमति देकर अर्जुन महान धनुर्धर द्रोणाचार्य और कर्ण के पास से चले गए।
 
Okay, do the same' After giving this permission to Lord Krishna, Arjuna went past the great archer Dronacharya and Karna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)