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mahabharat 7.186.6: कौरव सेना को दो भागों में बँटी हुई देखकर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा - 'पार्थ! तुम अन्य शत्रुओं को बाईं ओर छोड़कर इन द्रोणाचार्य को दाहिनी ओर रखो (और उनके बीच से होकर आगे बढ़ो)॥6॥   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.186.6 
द्वैधीकृतान् कुरून् दृष्ट्वा माधवोऽर्जुनमब्रवीत्।
सपत्नान् सव्यत: कृत्वा अपसव्यमिमं कुरु॥ ६॥
 
 
अनुवाद
कौरव सेना को दो भागों में बँटी हुई देखकर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा - 'पार्थ! तुम अन्य शत्रुओं को बाईं ओर छोड़कर इन द्रोणाचार्य को दाहिनी ओर रखो (और उनके बीच से होकर आगे बढ़ो)॥6॥
 
Seeing the Kaurava army divided into two parts, Lord Krishna said to Arjun - 'Parth! You leave the other enemies on the left and place this Dronacharya on the right (and move ahead passing through them)'. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)