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mahabharat 7.186.57-58h: हे राजन! उस दिन सूर्योदय के समय एक बहुत बड़ा नरसंहार हुआ, ऐसा नरसंहार जो हमने पहले न कभी देखा था, न सुना था। 57 1/2   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 57-58h
 
 
श्लोक  7.186.57-58h 
नैव नस्तादृशं युद्धं दृष्टपूर्वं न च श्रुतम्॥ ५७॥
यथा सूर्योदये राजन् समुत्पिञ्जोऽभवन्महान्।
 
 
अनुवाद
हे राजन! उस दिन सूर्योदय के समय एक बहुत बड़ा नरसंहार हुआ, ऐसा नरसंहार जो हमने पहले न कभी देखा था, न सुना था। 57 1/2
 
O King! That day at sunrise a massive massacre took place, such a massive massacre we had never seen or heard of before. 57 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)