Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.186.53-54h: ये द्रोणाचार्य, जो धनुष-बाण रूपी ईंधन से युक्त हैं और अग्नि के समान तेज से प्रज्वलित हैं, अपने प्रभाव से क्षत्रियों को जला रहे हैं ॥53 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये द्रोणाचार्य, जो धनुष-बाण रूपी ईंधन से युक्त हैं और अग्नि के समान तेज से प्रज्वलित हैं, अपने प्रभाव से क्षत्रियों को जला रहे हैं ॥53 1/2॥
This Dronacharya, who is filled with fuel in the form of bow and arrow and burns with brilliance like fire, is burning the Kshatriyas with his influence. 53 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥