Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.186.39-40h: इससे क्रोधित होकर विराट ने द्रोणाचार्य को मारने की इच्छा से युद्धस्थल में दस तोमर और दस बाण चलाये ॥39 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  7.186.39-40h 
ततो विराट: कुपित: समरे तोमरान् दश॥ ३९॥
दश चिक्षेप च शरान् द्रोणस्य वधकाङ्क्षया।
 
 
अनुवाद
इससे क्रोधित होकर विराट ने द्रोणाचार्य को मारने की इच्छा से युद्धस्थल में दस तोमर और दस बाण चलाये ॥39 1/2॥
 
Enraged by this, Virat fired ten tomars and ten arrows in the battlefield with the desire to kill Dronacharya. 39 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)