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mahabharat 7.186.32-33h: प्रजानाथ! तत्पश्चात् राजा द्रुपद के तीनों पौत्र तथा चेदि देश के महाधनुर्धर योद्धाओं ने भी युद्धस्थल में द्रोणाचार्य पर आक्रमण किया। 32 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 32-33h
 
 
श्लोक  7.186.32-33h 
द्रुपदस्य तत: पौत्रास्त्रय एव विशाम्पते॥ ३२॥
चेदयश्च महेष्वासा द्रोणमेवाभ्ययुर्युधि।
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! तत्पश्चात् राजा द्रुपद के तीनों पौत्र तथा चेदि देश के महाधनुर्धर योद्धाओं ने भी युद्धस्थल में द्रोणाचार्य पर आक्रमण किया। 32 1/2॥
 
Prajanath! Thereafter, all the three grandsons of King Drupada and the great archer warriors of Chedi country also attacked Dronacharya in the battlefield. 32 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)