Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.186.31-32h: इस प्रकार जब द्रोणाचार्य युद्धभूमि में विचरण कर रहे थे, तब राजा विराट और द्रुपद ने मिलकर उन पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 31-32h
 
 
श्लोक  7.186.31-32h 
ततो विराटद्रुपदौ द्रोणं प्रययतू रणे॥ ३१॥
तथा चरन्तं संग्रामे भृशं समरदुर्जयम्।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार जब द्रोणाचार्य युद्धभूमि में विचरण कर रहे थे, तब राजा विराट और द्रुपद ने मिलकर उन पर आक्रमण कर दिया।
 
Thus, while Dronacharya was roaming in the battlefield, King Virata and Drupada attacked him together.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)