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mahabharat 7.186.24-25h: हे प्रजानाथ! उन्हें युद्ध के मोर्चे से हटकर एक ओर आते देख वहाँ खड़ी पाण्डव सेनाएँ काँपने लगीं।   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 24-25h
 
 
श्लोक  7.186.24-25h 
तमाजिशीर्षादेकान्तमपक्रान्तं निशम्य तु॥ २४॥
समकम्पन्त सैन्यानि पाण्डवानां विशाम्पते।
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! उन्हें युद्ध के मोर्चे से हटकर एक ओर आते देख वहाँ खड़ी पाण्डव सेनाएँ काँपने लगीं।
 
O Prajanath! Seeing him moving away from the battle front and coming to one side, the Pandava armies standing there began to tremble. 24 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)