Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.186.19-20h: हे राजन! वे शत्रु सैनिक और हम एक-दूसरे को पहचान नहीं पाते थे। इसीलिए राजा लोग केवल नाम बताकर ही आपस में लड़ते थे। | mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नैव ते न वयं राजन् प्राज्ञासिष्म परस्परम्॥ १९॥
उद्देशेन हि तेन स्म समयुध्यन्त पार्थिवा:।
अनुवाद
हे राजन! वे शत्रु सैनिक और हम एक-दूसरे को पहचान नहीं पाते थे। इसीलिए राजा लोग केवल नाम बताकर ही आपस में लड़ते थे।
O King! Those enemy soldiers and we were not able to recognize each other. That is why the kings used to fight with each other by telling their names only. 19 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥