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mahabharat 7.186.11: हे वीरों में श्रेष्ठ! तुम्हें अपने पराक्रम से सत्य, धन, धर्म और यश का ऋण चुकाना होगा। इन शत्रुओं को अपने दाहिनी ओर भेज दो और स्वयं बाईं ओर रहकर शत्रु सेना का चीर-फाड़ करो।   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.186.11 
सत्यश्रीधर्मयशसां वीर्येणानृण्यमाप्नुहि।
भिन्ध्यनीकं युधां श्रेष्ठ अपसव्यमिमान् कुरु॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हे वीरों में श्रेष्ठ! तुम्हें अपने पराक्रम से सत्य, धन, धर्म और यश का ऋण चुकाना होगा। इन शत्रुओं को अपने दाहिनी ओर भेज दो और स्वयं बाईं ओर रहकर शत्रु सेना का चीर-फाड़ करो।
 
O best of the warriors! You must repay the debt of truth, wealth, religion and fame through your valour. Send these enemies to your right and yourself stay on the left and tear apart the enemy army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)