श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 185: दुर्योधनका उपालम्भ और द्रोणाचार्यका व्यंगपूर्ण उत्तर  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.185.6 
न पाण्डवेया न वयं नान्ये लोके धनुर्धरा:।
युध्यमानस्य ते तुल्या: सत्यमेतद् ब्रवीमि ते॥ ६॥
 
 
अनुवाद
मैं तुमसे सत्य कहता हूँ कि युद्ध करते समय न तो पाण्डव, न हम लोग, न संसार का कोई भी धनुर्धर तुम्हारी बराबरी कर सकता है ॥6॥
 
I am telling you the truth that neither the Pandavas, nor we, nor any other archer in the world can match you while fighting a war. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)