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mahabharat 7.184.9-10h: पाण्डु नन्दन महात्मा युधिष्ठिर के ऐसा आदेश देने पर वे सभी वीर पुरुष द्रोणाचार्य को मार डालने की इच्छा से उन पर शीघ्रतापूर्वक टूट पड़े ॥9 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  7.184.9-10h 
तथाऽऽज्ञप्तास्तु ते सर्वे पाण्डवेन महात्मना॥ ९॥
अभ्यद्रवन्त वेगेन कुम्भयोनिवधेप्सया।
 
 
अनुवाद
पाण्डु नन्दन महात्मा युधिष्ठिर के ऐसा आदेश देने पर वे सभी वीर पुरुष द्रोणाचार्य को मार डालने की इच्छा से उन पर शीघ्रतापूर्वक टूट पड़े ॥9 1/2॥
 
On giving such orders to Pandu Nandan Mahatma Yudhishthir, all those brave men quickly attacked Dronacharya with the desire to kill him. 9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)