श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  7.184.53 
प्रतिप्रकाशिते लोके दिवाभूते निशाकरे।
विचेरुर्न विचेरुश्च राजन् नक्तञ्चरास्तत:॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
जब चन्द्रमा पूर्णतः प्रकाशित हो गया, तब जगत् दिन के समान प्रकाशमान हो गया। हे राजन! उस समय रात्रि में विचरण करने वाले कुछ प्राणी इधर-उधर घूमने लगे और कुछ जहाँ थे, वहीं पड़े रहे। 53.
 
When the moon was fully illuminated, the world became as bright as day. O king! At that time some creatures who roamed around at night started moving around and some remained lying where they were. 53.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)