Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.184.42: सोने की लगाम से बँधे और गर्दनों में रथ के जुए डाले हुए घोड़े अपने खुरों से खोद रहे थे और समतल भूमि को भी उबड़-खाबड़ बना रहे थे। 42. | mahabharat अध्याय 7.184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समां च विषमां चक्रु: खुराग्रैर्विकृतां महीम्।
हया: काञ्चनयोक्त्रास्ते केसरालम्बिभिर्युगै:॥ ४२॥
अनुवाद
सोने की लगाम से बँधे और गर्दनों में रथ के जुए डाले हुए घोड़े अपने खुरों से खोद रहे थे और समतल भूमि को भी उबड़-खाबड़ बना रहे थे। 42.
The horses, tied with golden reins and with the chariot's yokes on their necks, were digging with their hooves and making even the level ground uneven. 42.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥