Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.184.41: भूमि पर लेटे हुए और भारी साँस लेते हुए हाथियों का राजा ऐसा शोभायमान हो रहा था मानो पर्वत फैले हुए हों और उनमें रहने वाले बड़े-बड़े सर्प भारी साँस ले रहे हों ॥41॥ | mahabharat अध्याय 7.184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भूमि पर लेटे हुए और भारी साँस लेते हुए हाथियों का राजा ऐसा शोभायमान हो रहा था मानो पर्वत फैले हुए हों और उनमें रहने वाले बड़े-बड़े सर्प भारी साँस ले रहे हों ॥41॥
Lying on the ground and breathing heavily, the king of elephants looked as graceful as if the mountains were spread out and the large serpents living in them were breathing heavily. ॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥