श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.184.29 
तद् वच: सर्वधर्मज्ञा धार्मिकस्य विशाम्पते।
अरोचयन्त सैन्यानि तथा चान्योन्यमब्रुवन्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! धर्मात्मा अर्जुन की यह बात सभी धर्मज्ञों को उचित लगी। सारी सेना को यह बात अच्छी लगी और सब लोग एक-दूसरे से यही बात कहने लगे।
 
Prajanath! This statement of the righteous Arjuna seemed right to all the religious scholars. The entire army liked it and everyone started saying the same thing to each other.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)