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mahabharat 7.184.25: उनकी दशा जानकर महापुरुष अर्जुन ने सब दिशाओं में गूँजने वाली ऊँची वाणी में कहा-॥25॥   |   mahabharat अध्याय 7.184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.184.25 
तेषामेतादृशीं चेष्टां विज्ञाय पुरुषर्षभ:।
उवाच वाक्यं बीभत्सुरुच्चै: संनादयन् दिश:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
उनकी दशा जानकर महापुरुष अर्जुन ने सब दिशाओं में गूँजने वाली ऊँची वाणी में कहा-॥25॥
 
Knowing their condition, the great man Arjuna said in a loud voice echoing in all directions -॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)