श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.184.23 
संसर्पन्तो रणे केचिन्निद्रान्धास्ते तथा परान्।
जघ्नु: शूरा रणे शूरांस्तस्मिंस्तमसि दारुणे॥ २३॥
 
 
अनुवाद
कुछ वीर योद्धा सोते हुए भी युद्धभूमि में विचरण करते थे और उस घोर अंधकार में शत्रु योद्धाओं का संहार करते थे॥23॥
 
Some valiant warriors used to roam about on the battlefield even though they were asleep and would kill the enemy warriors in that intense darkness.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)