Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.184.22: महाराज! हमारी तरफ से भी कई सैनिक वहाँ खड़े होकर सोच रहे थे कि उन्हें दुश्मनों से लड़ना है, लेकिन नींद के कारण उनकी आँखें लाल हो गई थीं। | mahabharat अध्याय 7.184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अस्माकं च महाराज परेभ्यो बहवो जना:।
योद्धव्यमिति तिष्ठन्तो निद्रासंरक्तलोचना:॥ २२॥
अनुवाद
महाराज! हमारी तरफ से भी कई सैनिक वहाँ खड़े होकर सोच रहे थे कि उन्हें दुश्मनों से लड़ना है, लेकिन नींद के कारण उनकी आँखें लाल हो गई थीं।
Maharaj! Many soldiers from our side were also standing there thinking that they had to fight with the enemies, but their eyes had become red due to sleep.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥