Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.184.20-21: अन्य योद्धा स्वप्न में अपने शत्रुओं को देखकर उन्हें मार डालते थे और अत्यन्त अचेत हो जाते थे। उस महायुद्ध में कुछ लोग निद्रालु हो जाते थे और नाना प्रकार की बातें करते हुए कभी स्वयं पर आक्रमण करते, कभी अपने ही लोगों को मार डालते और कभी अपने शत्रुओं को भी मार डालते थे॥ 20-21॥ | mahabharat अध्याय 7.184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अन्य योद्धा स्वप्न में अपने शत्रुओं को देखकर उन्हें मार डालते थे और अत्यन्त अचेत हो जाते थे। उस महायुद्ध में कुछ लोग निद्रालु हो जाते थे और नाना प्रकार की बातें करते हुए कभी स्वयं पर आक्रमण करते, कभी अपने ही लोगों को मार डालते और कभी अपने शत्रुओं को भी मार डालते थे॥ 20-21॥
Other soldiers would kill their enemies after seeing them in a dream and becoming very unconscious. Some people would become sleepy in that great war and while talking in different ways would sometimes attack themselves, sometimes kill their own people and sometimes even kill their enemies.॥ 20-21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥