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mahabharat 7.184.13-14h: महाराज! युद्ध में बड़े-बड़े योद्धा इतने थक गए थे कि नींद के कारण अंधे हो गए थे, इसलिए वे युद्ध में कोई भी प्रयास नहीं कर पा रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 7.184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  7.184.13-14h 
निद्रान्धास्ते महाराज परिश्रान्ताश्च संयुगे॥ १३॥
नाभ्यपद्यन्त समरे काञ्चिच्चेष्टां महारथा:।
 
 
अनुवाद
महाराज! युद्ध में बड़े-बड़े योद्धा इतने थक गए थे कि नींद के कारण अंधे हो गए थे, इसलिए वे युद्ध में कोई भी प्रयास नहीं कर पा रहे थे।
 
Maharaj! The great warriors were so tired in the war that they were becoming blind due to sleep; hence they were not able to make any effort in the battle. 13 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)