Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.183.59-61: यह तो बहुत अच्छा हुआ कि अर्जुन उस महासमर में कर्ण से द्वन्द्वयुद्ध करने नहीं गया। ये दोनों वीर तो परस्पर प्रतिस्पर्धा करते हैं; अतः युधिष्ठिर! यदि उसने समस्त दिव्यास्त्रों का प्रयोग कर दिया होता, तो सूतनंदन कर्ण अपने अस्त्रों के नष्ट हो जाने से पीड़ा में पड़ जाता और वह युद्ध में अर्जुन पर इन्द्र द्वारा दी गई शक्ति का प्रयोग अवश्य करता। भरतश्रेष्ठ! उस स्थिति में तो तुम पर और भी भयंकर विपत्ति आ पड़ती। | mahabharat अध्याय 7.183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह तो बहुत अच्छा हुआ कि अर्जुन उस महासमर में कर्ण से द्वन्द्वयुद्ध करने नहीं गया। ये दोनों वीर तो परस्पर प्रतिस्पर्धा करते हैं; अतः युधिष्ठिर! यदि उसने समस्त दिव्यास्त्रों का प्रयोग कर दिया होता, तो सूतनंदन कर्ण अपने अस्त्रों के नष्ट हो जाने से पीड़ा में पड़ जाता और वह युद्ध में अर्जुन पर इन्द्र द्वारा दी गई शक्ति का प्रयोग अवश्य करता। भरतश्रेष्ठ! उस स्थिति में तो तुम पर और भी भयंकर विपत्ति आ पड़ती।
It was very good that Arjun did not go to fight a duel with Karna in that great battle. These two heroes compete with each other; So Yudhishthir! If he had used all the divine weapons, then Sutanandan Karna would have been in pain due to the destruction of his weapons and he would have definitely used the power given by Indra on Arjun in the battle. Bharatshrestha! In that case, a more terrible disaster would have befallen you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥