Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.183.49-50: मुझे अवश्य ही सारथिपुत्र कर्ण का वध करना है। अतः हे वीर! मैं स्वयं कर्ण को मारने की इच्छा से युद्धभूमि में जाऊँगा। महाबली भीमसेन द्रोणाचार्य की सेना के साथ युद्ध कर रहे हैं।॥49-50॥ | mahabharat अध्याय 7.183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मुझे अवश्य ही सारथिपुत्र कर्ण का वध करना है। अतः हे वीर! मैं स्वयं कर्ण को मारने की इच्छा से युद्धभूमि में जाऊँगा। महाबली भीमसेन द्रोणाचार्य की सेना के साथ युद्ध कर रहे हैं।॥49-50॥
I must certainly kill Karna, the son of a charioteer. Therefore, brave one, I myself will go to the battlefield with the desire to kill Karna. The powerful Bhimasena is fighting with the army of Dronacharya.'॥ 49-50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥