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mahabharat 7.183.40: "हे भगवान् कृष्ण! हम सबकी उपेक्षा करके भीमसेन का पुत्र महाबली राक्षस घटोत्कच सव्यसाची अर्जुन के सामने ही मारा गया है ॥40॥   |   mahabharat अध्याय 7.183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  7.183.40 
कदर्थीकृत्य न: सर्वान् पश्यत: सव्यसाचिन:।
निहतो राक्षस: कृष्ण भैमसेनिर्महाबल:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
"हे भगवान् कृष्ण! हम सबकी उपेक्षा करके भीमसेन का पुत्र महाबली राक्षस घटोत्कच सव्यसाची अर्जुन के सामने ही मारा गया है ॥40॥
 
"Lord Krishna! Ignoring us all, the mighty demon Ghatotkacha, son of Bhimasena, has been killed in front of Savyasachi Arjun. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)