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mahabharat 7.183.39: जनार्दन! हिडिम्बपुत्र सारथी घटोत्कच आपके और मेरे जीवित रहते हुए कैसे मर गया?॥39॥   |   mahabharat अध्याय 7.183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  7.183.39 
कथं वास्मासु जीवत्सु त्वयि चैव जनार्दन।
हैडिम्बि: प्राप्तवान् मृत्युं सूतपुत्रेण सङ्गत:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
जनार्दन! हिडिम्बपुत्र सारथी घटोत्कच आपके और मेरे जीवित रहते हुए कैसे मर गया?॥39॥
 
Janardan! How did Hidimba's son Ghatotkacha, the son of a charioteer, die while you and I are alive?॥ 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)