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mahabharat 7.183.37: माधव! कौरव योद्धा भीमसेन के बाहुबल और अर्जुन के अद्भुत अस्त्र-कौशल का अनादर करके अपनी वीरता का प्रदर्शन कर रहे हैं। 37॥   |   mahabharat अध्याय 7.183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  7.183.37 
अनादृत्य बलं बाह्वोर्भीमसेनस्य माधव।
चित्रास्त्रतां च पार्थस्य विक्रमन्ति स्म कौरवा:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
माधव! कौरव योद्धा भीमसेन के बाहुबल और अर्जुन के अद्भुत अस्त्र-कौशल का अनादर करके अपनी वीरता का प्रदर्शन कर रहे हैं। 37॥
 
Madhav! Kaurava warriors are displaying their bravery by disrespecting Bhimsen's muscle power and Arjuna's amazing weapon skills. 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)