Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.183.29-30: श्री कृष्ण! यह जानकर कि श्वेतवाहिनी अर्जुन अस्त्र-शस्त्र प्राप्त करने के लिए अन्यत्र गई हुई है, महाधनुर्धर घटोत्कच काम्यकवन में मेरे पास आया और अर्जुन के लौटने तक हमारे साथ रहा ॥29-30॥ | mahabharat अध्याय 7.183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री कृष्ण! यह जानकर कि श्वेतवाहिनी अर्जुन अस्त्र-शस्त्र प्राप्त करने के लिए अन्यत्र गई हुई है, महाधनुर्धर घटोत्कच काम्यकवन में मेरे पास आया और अर्जुन के लौटने तक हमारे साथ रहा ॥29-30॥
Sri Krishna! Knowing that the white vehicle Arjuna had gone somewhere else to obtain weapons, the great archer Ghatotkacha came to me in Kamyakavan and stayed with us till Arjuna returned. 29-30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥