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सिन्धुराजवधेनेमे घटोत्कचवधेन ते।
अमर्षिता: सुसंक्रुद्धा रणं चक्रु: कथं निशि॥ १८॥
अनुवाद
सिन्धुराज जयद्रथ के वध से क्रोध में भरे हुए कौरवों और घटोत्कच के वध से अत्यन्त क्रोधित पाण्डवों ने रात्रि में किस प्रकार युद्ध किया? 18॥
How did the Kauravas, filled with anger over the killing of Sindhuraj Jayadratha, and the Pandavas, who were extremely angry over the killing of Ghatotkacha, fight at night? 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥